ककवन को विकास आस, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने नहीं किया प्रयास
- 65 हजार मतदाताओं को शिक्षा,स्वास्थ्य, परिवहन सुविधाओं की दरकार - किसान, शिक्षार्थियों, बेरोजगारों, महिलाओं, बच्चों की सुध कब लेगा शासन राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टियों और निर्दल प्रत्याशियों के वायदे-इरादे जनसंपर्क में गूंज रहे हैं, लेकिन जनपद के सुदूर ककवन विकास खंड की 25 ग्राम पंचायतों के छात्र-छात्राओं को आज भी 10 वीं के बाद पठन-पाठन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है, कसिगवां सहित कई गांवों में खारे पानी की समस्या हैं, पर सुध लेने वाला कोई नहीं हैं, सीएचसी में एक्सरे-अल्ट्रा साउंट जैसी बुनियादी सुविधाएं न होने से मरीज-प्रसूताएं जान गवां रहे हैं। विकास खंड कार्यालय में बीते करीब एक दशक से नियमित खंड विकास अधिकारी की नियुक्त न होने से कागजों पर कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। किसानों को खाद बीज और अपनी फसल बिक्री के लिए भी सरकार की ओर से कोई कदम न उठने से यहां के निवासी लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। बिल्हौर 209 सुरक्षित विधानसभा में 4 चौबेपुर,बिल्हौर, शिवराजपुर और ककवन विकास खंड आते हैं। ककवन ब्लाक में 4 न्याय पंचायत विषधन, वछना, उठ्ठा और ककवन हैं, जबक...