भगवा उतार साइकिल पर बैठे बिल्हौर चेयरमैन शादाब खान
राहुल त्रिपाठी बिल्हौर विधानसभा के मतदान की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है। वैसे वैसे दल बदलने और जीत हार के आंकड़े बदलते जा रहे हैं। निर्दलीय बिल्हौर से नगर पालिका का चुनाव जीतने वाले युवा शादाब खान चेयरमैन की कुर्सी मिलने के बाद भगवा धारण करने के लिए तत्कालीन कानपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष रामशरण कटियार के साथ लखनऊ गए थे, भाजपाई बन गए थे।लेकिन तब से लेकर आज तक वह पार्टी, संगठन में उपेक्षा का शिकार ही रहे। शादाब खान कभी पार्टी के न हो सके और पार्टी भी उनकी नहीं हो सकी। पदाधिकारी भी उनसे सौतेला व्यवहार करते ही नजर आए। नतीजतन सीएए में उनको जेल भी जाना पड़ा। पूरे मामले में कई पार्टीजनों के षड्यंत्र की बात सामने आने पर वह आहत थे। और पार्टी के लोगों द्वारा उन्हें न अपनाए जाने से आहत शादाब खान ने अब विधानसभा चुनाव से पहले भगवा को उतार कर, संदूक में पैक कर नई हवा और नई सपा की साइकिल सवार होना ज्यादा मुनासिब समझा और इस चुनावी माहौल में साइकिल पर वह अब नए साथियों संग रफ्तार भरने लगे हैं। शादाब खान का दावा है कि आज भी उनके साथ नगरपालिका बिल्हौर के 25 वार्डों में से 20 वार्ड के लोगों का अपार समर्थन ह...