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जनवरी 7, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बिकरु में दलित वोट, बसपा प्रत्याशी ने सुनी राम कथा

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राहुल त्रिपाठी  बिकरू गांव में इन दिनों श्रीमद भगवत कथा हो रही है जी हां वही बिकरू गांव जो कुख्यात विकास दुबे के नाम से देश प्रदेश में चर्चित है। चुनावी माहौल है बिकरू में दलित मुस्लिम सहित ओबीसी व सामान्य जाति की कई जातियां निवास करती हैं। वर्तमान में भी ग्राम पंचायत से दलित ग्राम प्रधान भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज पार्टी की घोषित प्रत्याशी मधु गौतम अपने निर्धारित समर्थकों संग गांव पहुंचकर श्रीमद् कथा सुन रही हैं। बिकरू कांड के बाद बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी सहित भाजपा के लोगों ने इस गांव से किनारा कर रखा था, लेकिन चुनाव आते ही अब धीरे-धीरे फिर से राजनीतिक दावेदार बिकरू पहुंच  कर दशकों तक कुख्यात विकास दुबे के आतंक से परेशान रहे लोगों को दावे वादे और अपना बताकर वोट कार समर्थन मांग रहे हैं ।

चुनाव की आहट पूर्व मंत्री अरुणा कोरी सक्रियता बढ़ी

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राहुल त्रिपाठी   चुनाव की आहट होते ही बिल्हौर विधानसभा में वर्ष 2012 से 17 तक समाजवादी पार्टी से विधायक और 5 वर्ष तक अखिलेश यादव की सरकार में सांस्कृतिक मंत्री रही अरुणा कोरी ने भी बिल्हौर में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वह लगातार मुस्लिम बाहुल्य इलाकों, पार्टीजनों, अपने परिचितों-करीबियों से मेल मिलाप और जनसंपर्क करती नजर आ रही हैं।  मालूम रहे कि अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के मध्य विवाद होने के बाद अरुणा कोरी शिवपाल की पार्टी प्रसपा में शामिल हो गई थी और मिश्रिख लोकसभा से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से ही सांसद पद का चुनाव भी लड़ी थी, उन्हें बहुत सीमित वोट ही प्राप्त हो सके थे। अब जब उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश और शिवपाल एक ही नाव पर सवार हो चुके हैं ऐसे में अरुणा कोरी फिर से चुनाव लड़ने की इच्छा से क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर रही हैं। बीते एक सप्ताह में अरुणा कोरी मुस्लिम बाहुल्य इलाकों मकनपुर, शिवराजपुर, बिल्हौर, चौबेपुर में अपने समर्थकों के बीच नजर आई और चुनाव की रणनीति पर विस्तार पूर्वक चर्चा भी की। नोट- यह लेखक के निजी विचार हैं इसका ...

बिल्हौर विधानसभा टिकट को लेकर पुरुषों पर भारी महिला दावेदार प्रत्याशी

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राहुल त्रिपाठी   विधानसभा बिल्हौर में प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और समाजवादी पार्टी में टिकट लेने के लिए पुरुषों के सापेक्ष कई कद्दावर महिलाओं ने चुनावी मैदान में कूद अपना बिगुल फूंक दिया है। इनमें से प्रमुख समाजवादी पार्टी से बिल्हौर विधायक और मंत्री रही अरुणा कोरी, वर्ष 1993 में कांग्रेस की टिकट से बिल्हौर में चुनाव लड़ने वाली सरोज प्रसाद इस बार अपने पति पूर्व डीजीपी और भाजपा से राज्यसभा सांसद ब्रजलाल के साथ चुनाव लड़ने के लिए खुलकर सामने आ गई हैं। जबकि मिश्रिख से पूर्व सांसद अंजू बाला का नाम चर्चाओं में है। महिला दावेदारों के मैदान में आने से पुरुष प्रत्याशियों की नींद उड़ी हुई है और वह अंदर ही अंदर अपने समर्थकों से महिला प्रत्याशियों को पैराशूट प्रत्याशी बताकर बीते 5 वर्षों तक जनता से दूर रहने का आरोप लगाते हुए संगठन में कानाफूसी कर रहे हैं। विधायक बनने के लिए चुनाव मैदान में आईं उक्त महिला प्रत्याशियों के कारण कई युवा प्रत्याशियों के चेहरे भी मुरझा गए हैं। इनमें भाजपा, समाजवादी पार्टी के कई युवा चेहरे मायूसी के शिकार हुए हैं। -------------------------------------------------- पू...