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बिल्हौर में जीत को क्षेत्रीय क्षत्रपों ने भी झोंकी ताकत

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राहुल त्रिपाठी  वर्ष 1957 से सुर‌क्षित 209 बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में एकबार फिर से चुनावों की सरगर्मी तेज हैं, सुरक्ष‌ित सीट होने के बावजूद क्षेत्रीय लोगों के आपसी मनभेद के चलते आज तक बिल्हौर तहसील क्षेत्र का मूल निवासी इलाकाई लोगों का विधायक भी नहीं बन सका है, सभी राजनैतिक दलों ने इस निर्वाचन क्षेत्र में कानपुर, उन्नाव से पैराशूट प्रत्याशी उतारे और जीत हासिल की, लेकिन इसबार जातीय समावेश और इलाकाई समस्याओं को वरीयता के साथ उठाने के लिए कई दलों से स्थानीय प्रत्याशी चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों के सापेक्ष बार करीब 25 हजार वोटरों का इजाफा मतदाता सूची में हुआ है। ''17 वीं विधानसभा तक बिल्हौर का निवासी नहीं बन सका विधायक'' 2022 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों और उनके प्रचार सामग्रियों जैसे होल्डिंग, बैनर-पोस्टर, वाल-पेटिंग और सोशल मीडिया पर बाढ़ से आई है। वहीं निर्वाचन अधिकारी ‌दिन-रात मतदाता सूची में नामों का पुनरीक्षण-विलोपन में लगे हैं।  सर्वे में लगे कई दलों के विशेषज्ञों और अ...