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फ़रवरी 28, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ककवन को विकास आस, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने नहीं किया प्रयास

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 - 65 हजार मतदाताओं को शिक्षा,स्वास्थ्य, परिवहन सुविधाओं की दरकार - किसान, शिक्षा‌र्थियों, बेरोजगारों, महिलाओं, बच्चों की सुध कब लेगा शासन राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टियों और निर्दल प्रत्याशियों के वायदे-इरादे जनसंपर्क में गूंज रहे हैं, लेकिन जनपद के सुदूर ककवन विकास खंड की 25 ग्राम पंचायतों के छात्र-छात्राओं को आज भी 10 वीं के बाद पठन-पाठन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है, कसिगवां सहित कई गांवों में खारे पानी की समस्या हैं, पर सुध लेने वाला कोई नहीं हैं, सीएचसी में एक्सरे-अल्ट्रा साउंट जैसी बुनियादी सुविधाएं न होने से मरीज-प्रसूताएं जान गवां रहे हैं। विकास खंड कार्यालय में बीते करीब एक दशक से नियमित खंड विकास अधिकारी की नियुक्त न होने से कागजों पर कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। किसानों को खाद बीज और अपनी फसल बिक्री के लिए भी सरकार की ओर से कोई कदम न उठने से यहां के निवासी लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। बिल्हौर 209 सुरक्षित विधानसभा में 4 चौबेपुर,बिल्हौर, शिवराजपुर और ककवन विकास खंड आते हैं। ककवन ब्लाक में 4 न्याय पंचायत विषधन, वछना, उठ्ठा और ककवन हैं, जबक...

पूरे बिल्हौर में खिलाड़ियों के लिए नहीं एक भी खेल मैदान

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  - नेता अपना खेल बनाते रहे, खिलाड़ियों की आज तक नहीं ली सुध - 5 लाख की आबादी वाली बिल्हौर विधानसभा में कोई सुसज्जित खेल मैदान न होने से रोष राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। विधानसभा चुनावों के कारण सभी दलों के प्रत्याशी अपना खेल बनाकर विधायक बनने की जुगत में हैं, लेकिन आज तक बिल्हौर विधानसभा के खिलाड़ियों की सुध किसी भी दल, विधायक, सांसद और अफसरों ने नहीं ली है। शासन प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण विधानसभा में खेल, खिलाड़ियों और खेल मैदान अता-पता लापता है। अनदेखी के कारण हजारों की संख्या में खिलाड़ियों का कौशल गांव-देहात और घरों की चाहरदीवारी तक ही समित रह गया दम तोड़ गया है। वर्तमान में भी एक भी सुसज्जित खेल मैदान तहसील क्षेत्र की 215 ग्राम पंचायतों, शिवराजपुर और बिल्हौर नगरीय क्षेत्रों में नहीं है, इसकारण बड़ी संख्या में क्रिकेट, कबड्डी, टेनिस, फुटबाल, हाकी, बालीबाल, ‌कुश्ती आदि के खिलाड़ी मायूस और सरकार के प्रति रोषित हैं। देश और प्रदेश में कानपुर का नाम रोशन करने वाले घिमऊ गड़रियनपुरवा के कबड्डी खिलाड़ी अनुराग पाल, अंकुश पाल, रोहित, विक्रम आदि ने बताया कि हम लोगों सर्दी,गर...

बिल्हौर की जनता करें पुकार, गांव-गांव बसें चला दो सरकार

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  बिल्हौर के लाखों ग्रामीणों को सरकार से परिवहन बसों की दरकार क्रासर   - बिल्हौर के लाखों ग्रामीणों को आवागमन के लिए सरकार से बस संचालन की दरकार   - कानपुर मेट्रो शहरों में शुमार, बिल्हौर के ग्रामीणों रोडवेज बसों की दरकार  - सैकड़ों गांवों के हजारों ग्रामीण पैदल बिल्हौर, शिवराजपुर, चौबेपुर में पकड़ते बसें   राहुल त्रिपाठी   बिल्हौर। चुनाव आते हैं दावे किए जाते हैं, लेकिन कुर्सी मिलने के बाद चुनावी वायदे भुला दिए जाते हैं। नतीजतन बिल्हौर विधानसभा के दूर-सुदूर गांवों में आज तक परिवहन की सुविधा ही नहीं पहुंच सकी है। देश के नक्शे में जहां कानपुर मेट्रो सिटी में शुमार हो चुका है वहीं बिल्हौर तहसील के जनपदीय सीमाओं पर बसे गांवों में आज भी लोग पगडंडियों से आवागमन करने को मजबूर हैं। विधानसभा के सैकड़ों गांवों के हज़ारों लोगों को दिन में आवागमन के लिए एक रोडवेज बस की दरकार दशकों से बनी हुई है। बिल्हौर से जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का जुड़ाव हैं जबकि शिवराजपुर, चौबेपुर में जीटी रोड तो ककवन में लखनऊ-इटावा राजमार्ग, लेकिन रोडवेज बसों की सुविधा न होन...