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जनवरी 11, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बिल्हौर के भाजपा विधायक का पार्टी से इस्तीफा: सूत्र

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राहुल त्रिपाठी  बहुजन समाज पार्टी छोड़कर साल 2017 में बिल्हौर 209 सुरक्षित विधानसभा में भाजपा का कमल खिलाने वाले भगवती प्रसाद सागर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने श्रम,सहकारिता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ अपना इस्तीफा राजभवन भेजा है। वह बीते कई वर्षों से पार्टी के अंदर घुटन महसूस कर रहे थे। वह अपने कद के अनुसार पार्टी में स्थान के लिए लगातार प्रयासरत थे, लेकिन कद और सम्मान सहित मंत्री पद न मिलने से आहत भगवती प्रसाद सागर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह मऊरानीपुर और बिल्हौर से स्वयं या फिर अपने पुत्र अनुराग सागर के साथ चुनाव मैदान में आ सकते हैं। भाजपा से भगवती सागर बीते कई माह से पार्टी के कार्यक्रमों से भी पूरी तरह नदारद थे। बिल्हौर में पंचायत चुनाव ब्लॉक प्रमुख चुनाव, जिला पंचायत चुनाव में उनकी अनुपस्थित से क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं में भी भारी रोष उनके प्रति देखा गया है। भगवती सागर के समाजवादी पार्टी में जाने की प्रबल संभावना उनके समर्थक जता रहे हैं। https://www.facebook.com/bhagwatiprasad.sagar.1/vide...

अरुणा कोरी का चुनाव मैदान: न पार्टी न निशान

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राहुल त्रिपाठी  बिल्हौर विधानसभा से 2012 से 17 तक विधायक रही और अखिलेश यादव की सरकार में 5 वर्षों तक सांस्कृतिक राज्यमंत्री रहने वाली अरुणा कोरी एक बार फिर से मतदाताओं के बीच विधानसभा चुनाव की आहट के बाद आ गई हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र से अपना भाग्य आजमाया था। उस समय अखिलेश यादव और शिवपाल यादव में बटी समाजवादी पार्टी में वह शिवपाल के साथ खड़ी दिख रही थी। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी से अलग हुए शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया था। जिसके बाद अरुणा कोरी भी प्रसपा में शामिल हो गई थी और लोकसभा चुनाव में वह मिश्रिख लोकसभा से पूरे दमखम से चुनाव भी लड़ी थी लेकिन उन्हें सीमित वोट ही प्राप्त हो सके थे। अब जब विधानसभा चुनाव सर पर हैं तब एक बार फिर से अरुणा कोरी अपने समर्थकों संग बिल्हौर, शिवराजपुर, चौबेपुर और अन्य इलाकों में प्रचार प्रसार कर रही हैं, लेकिन अरुणा कोरी किस दल से चुनाव मैदान में आएंगी इसको लेकर समर्थकों और मतदाताओं में असमंजस की स्थिति है। उनकी चुनाव प्रचार सामग्री में भी अभी तक किसी भी दल का राजन...

बिल्हौर विधानसभा के स्थानीय मुद्दे गए भूल, दावेदार अपनी-अपनी पार्टियों वायदे को दिए तूल

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राहुल त्रिपाठी   बिल्हौर विधानसभा के चुनाव अब नजदीक है निर्वाचन आयोग द्वारा तृतीय चरण में 20 फरवरी 2022 को यहां मतदान की योजना बनाई गई है, लेकिन अभी तक किसी भी दावेदार प्रत्याशी ने बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के लिए अपना स्थानीय एजेंडा प्रस्तुत नहीं किया है और अपनी-अपनी पार्टियों के प्रादेशिक एजेंडे पर ही वह अपनी राजनीति चमका रहे हैं। कुछ दावेदार तो जातीय आंकड़े भुनाने पर जोर दे रहे हैं, जबकि कुछ अपने दमखम और अकूत संपत्ति, पद प्रतिष्ठा को दांव पर लगाकर विधानसभा जाने की रण नीति बना रहे हैं। भाजपा और सपा ने अभी तक अपने प्रत्याशी के नाम घोषित नहीं किए हैं, लेकिन बसपा द्वारा बिल्हौर विधानसभा से मधु गौतम को प्रत्याशी बना दिया गया है। मधु गौतम अपनी पार्टी के परंपरागत वोट सहित बिरादरी मतदाताओं को लुभाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हैं। मधु ने भी अभी तक अपना स्थानीय एजेंडा मतदाताओं और क्षेत्रीय जनता को नहीं बताया है। उनके पास अपने बिरादरी के वोटों के लिए क्या एजेंडा है इसका कोई खाका नहीं है। भाजपा के दावेदार विधानसभा प्रत्याशी सियाराम कटेरिया बीते कई वर्षों से बिल्हौर को जिला बनाने, यहां राज...