फोटो खिंचाते भाजपा संग, दम सपा में लगाएं, नज़र बसपा पर
राहुल त्रिपाठी
विधानसभा चुनाव को लेकर जैसे-जैसे जनसंपर्क और प्रचार परवान चढ़ रहा है वैसे वैसे समर्थकों और अवसरवादियों के चेहरे स्पष्ट होने लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के साथ दिन में फोटो खिंचा कर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले अधिकांश तथाकथित समर्थक और अवसरवादी लोग रात में ही समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों और उनके चुनाव सेवकों के संपर्क में आकर जीत हार की आंकड़े बाजी करने लगते हैं। कुछ फोटोबाज, अवसरवादी, समर्थक, सत्तापछ को साधकर विरोधी दलों को गाड़ियां, प्रचार सामग्री और फंडिंग भी कर रहे हैं। कानपुर से बड़ी संख्या में लग्जरी गाड़ियों की खेत सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्षी दल के प्रत्याशी के पास पहुंचाई जा रही हैं।
बिल्हौर विकासखंड क्षेत्र के 1 ग्राम प्रधान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली में मोदी को हम पसंद करते हैं और आने वाले लोकसभा चुनाव में हम उनको फिर से गद्दी पर बैठा लेगे लेकिन क्षेत्र के विकास की बात आएगी तो उसका निर्णय हम पूरे इमानदारी से देंगे बिल्हौर से कौन जीतेगा यह समय ही बताएगा, सत्ता पक्ष का दबाव हम सभी पर है, 5 साल प्रधानी भी करनी है, हम लोग निष्पक्ष होकर मतदान करेंगे और नतीजे चौंकाने वाले होंगे।
जाति आंकड़ों की बात करें तो कटियार बिरादरी के लोग अभी खुलकर किसी भी पार्टी के प्रत्याशी के साथ नजर नहीं आ रहे हैं, वहीं दिवाकर, कोरी, कठेरिया समाज के लोग भी खुलकर अपना समर्थन किसी भी दल प्रत्याशी को देते नजर नहीं आ रहे हैं।
वैसे बिल्हौर ठाकुर बिरादरी को कोई सर्वमान्य नेता नहीं हैं, लेकिन ठाकुर बिरादरी के कई छुट भैया नेता खुलकर सत्ता पक्ष के साथ आए हैं, वहीं
यादव बिरादरी के समर्थक पूरे दम से चुनाव मैदान में ताल ठोकने को तैयार
हैं। सामान्य जाति के युवा, राजनैतिक मिजाज के लोग खुलकर सत्ता पक्ष के लिए जनसंपर्क में जुटे हैं। कुछ बाच एंड वेट कर रहे हैं ।
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