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भाजपा की ऑनलाइन सदस्यता में बिल्हौर विधायक ने किया टॉप

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- क्षेत्रीय कार्यालय ने जारी की सूची, शिवराजपुर नगर पंचायत अध्यक्ष ने बनाए मात्र 20 सदस्य - सांसद को 20, विधायक को 10, ब्लाक प्रमुख को 5, नगर पंचायत अध्यक्ष को 5 हजार बनाने थे सदस्य - कई जिला पंचायत सदस्यों ने सदस्यता अ​​भियान में नहीं ली रुचि, रडार पर Rahul Tripathi बिल्हौर। विधानसभा क्षेत्र में बीते करीब दो माह से भाजपा द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन ढंग से पार्टी सदस्यता दिलाने के लिए घर-घर अभियान चलाया जा रहा था, इसमें संगठन के पदाधिकारियों सहित निर्वाचित जनप्रतिनिधियों व कई अन्य प्रमुख पदों को जिम्मेदारी संभाल रहे भाजपाइयों को लक्ष्य सौपा गया था। भाजपा कानपुर ग्रामीण में बिल्हौर विधायक ने सर्वाधिक 14683 सदस्य जबकि सबसे कम नगर पंचायत ​शिवराजपुर की अध्यक्ष निर्मला कटियार ने मात्र 20 सदस्य बनाए गए हैं। भाजपा कानपुर बुंदेलखंड द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि जिला पंचायत सदस्य घेमऊ अवकाश सिंह द्वारा 450 सदस्य, जिला पंचायत सदस्य चौबेपुर अश्वनी दीक्षित द्वारा 220, ब्लॉक प्रमुख चौबेपुर राजेश शुक्ला द्वारा 5,200 सदस्य, ब्लाक प्रमुख ​शिवराजपुर शुभम बाजपेई द्वारा 2800 सदस्य, ब्लॉक प्रमुख बिल्हौ...

सपा की धरना देवी को टक्कर देने के लिए भाजपा में प्रकट हुए अनशन देवता

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राहुल त्रिपाठी 209 सुरक्षित विधानसभा बिल्हौर लखनऊ तक चोट करने  वाली  सपा की रचना सिंह स्थानीय मुद्दों और जनहित के कार्यों को कराने के लिए धरना देते देते मुख्य विपक्षी दलों की जुबान पर धरना देवी के रूप में छायीं रहीं, नतीजतन पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी का बफादार सिपाही माना और विधानसभा का टिकट दिया। वहीं बीते 10 वर्षों से मिश्रिख लोकसभा, बिल्हौर  विधानसभा , जिला पंचायत, ब्लाक प्रमुख, नगर पालिका अध्यक्ष के लिए टिकट मांग  मांग कर हारे और झलाए  भाजपा प्रांतीय परिषद सदस्य अब बिल्हौर को जिला बनाने, बिल्हौर का न्याय‌कि क्षेत्र माती से कानपुर नगर करने, बिल्हौर में आलू उद्यम लगाने सहित बिल्हौर में लड़कियों के लिए कालेज खोलने की मांग को लेकर बीते 55 दिनों से तहसील परिसर में समर्थकों संग क्रमिक अनशन पर हैं, लेकिन न तो भाजपा कानपुर ग्रामीण संगठन के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को इसकी जानकारी है और न ही बिल्हौर विधायक मोहित सोनकर उर्फ राहुल को।  BJP Si...

ककवन को विकास आस, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने नहीं किया प्रयास

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 - 65 हजार मतदाताओं को शिक्षा,स्वास्थ्य, परिवहन सुविधाओं की दरकार - किसान, शिक्षा‌र्थियों, बेरोजगारों, महिलाओं, बच्चों की सुध कब लेगा शासन राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टियों और निर्दल प्रत्याशियों के वायदे-इरादे जनसंपर्क में गूंज रहे हैं, लेकिन जनपद के सुदूर ककवन विकास खंड की 25 ग्राम पंचायतों के छात्र-छात्राओं को आज भी 10 वीं के बाद पठन-पाठन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है, कसिगवां सहित कई गांवों में खारे पानी की समस्या हैं, पर सुध लेने वाला कोई नहीं हैं, सीएचसी में एक्सरे-अल्ट्रा साउंट जैसी बुनियादी सुविधाएं न होने से मरीज-प्रसूताएं जान गवां रहे हैं। विकास खंड कार्यालय में बीते करीब एक दशक से नियमित खंड विकास अधिकारी की नियुक्त न होने से कागजों पर कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। किसानों को खाद बीज और अपनी फसल बिक्री के लिए भी सरकार की ओर से कोई कदम न उठने से यहां के निवासी लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। बिल्हौर 209 सुरक्षित विधानसभा में 4 चौबेपुर,बिल्हौर, शिवराजपुर और ककवन विकास खंड आते हैं। ककवन ब्लाक में 4 न्याय पंचायत विषधन, वछना, उठ्ठा और ककवन हैं, जबक...

पूरे बिल्हौर में खिलाड़ियों के लिए नहीं एक भी खेल मैदान

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  - नेता अपना खेल बनाते रहे, खिलाड़ियों की आज तक नहीं ली सुध - 5 लाख की आबादी वाली बिल्हौर विधानसभा में कोई सुसज्जित खेल मैदान न होने से रोष राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। विधानसभा चुनावों के कारण सभी दलों के प्रत्याशी अपना खेल बनाकर विधायक बनने की जुगत में हैं, लेकिन आज तक बिल्हौर विधानसभा के खिलाड़ियों की सुध किसी भी दल, विधायक, सांसद और अफसरों ने नहीं ली है। शासन प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण विधानसभा में खेल, खिलाड़ियों और खेल मैदान अता-पता लापता है। अनदेखी के कारण हजारों की संख्या में खिलाड़ियों का कौशल गांव-देहात और घरों की चाहरदीवारी तक ही समित रह गया दम तोड़ गया है। वर्तमान में भी एक भी सुसज्जित खेल मैदान तहसील क्षेत्र की 215 ग्राम पंचायतों, शिवराजपुर और बिल्हौर नगरीय क्षेत्रों में नहीं है, इसकारण बड़ी संख्या में क्रिकेट, कबड्डी, टेनिस, फुटबाल, हाकी, बालीबाल, ‌कुश्ती आदि के खिलाड़ी मायूस और सरकार के प्रति रोषित हैं। देश और प्रदेश में कानपुर का नाम रोशन करने वाले घिमऊ गड़रियनपुरवा के कबड्डी खिलाड़ी अनुराग पाल, अंकुश पाल, रोहित, विक्रम आदि ने बताया कि हम लोगों सर्दी,गर...

बिल्हौर की जनता करें पुकार, गांव-गांव बसें चला दो सरकार

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  बिल्हौर के लाखों ग्रामीणों को सरकार से परिवहन बसों की दरकार क्रासर   - बिल्हौर के लाखों ग्रामीणों को आवागमन के लिए सरकार से बस संचालन की दरकार   - कानपुर मेट्रो शहरों में शुमार, बिल्हौर के ग्रामीणों रोडवेज बसों की दरकार  - सैकड़ों गांवों के हजारों ग्रामीण पैदल बिल्हौर, शिवराजपुर, चौबेपुर में पकड़ते बसें   राहुल त्रिपाठी   बिल्हौर। चुनाव आते हैं दावे किए जाते हैं, लेकिन कुर्सी मिलने के बाद चुनावी वायदे भुला दिए जाते हैं। नतीजतन बिल्हौर विधानसभा के दूर-सुदूर गांवों में आज तक परिवहन की सुविधा ही नहीं पहुंच सकी है। देश के नक्शे में जहां कानपुर मेट्रो सिटी में शुमार हो चुका है वहीं बिल्हौर तहसील के जनपदीय सीमाओं पर बसे गांवों में आज भी लोग पगडंडियों से आवागमन करने को मजबूर हैं। विधानसभा के सैकड़ों गांवों के हज़ारों लोगों को दिन में आवागमन के लिए एक रोडवेज बस की दरकार दशकों से बनी हुई है। बिल्हौर से जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का जुड़ाव हैं जबकि शिवराजपुर, चौबेपुर में जीटी रोड तो ककवन में लखनऊ-इटावा राजमार्ग, लेकिन रोडवेज बसों की सुविधा न होन...

चुनावी शब्द नेताओं को चिड़ा रहे वोटरों को गुदगुदा रहे

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राहुल त्रिपाठी देश की राजनीति को तय करने वाले उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जारी हैं। बीते 5 वर्षों में कई चुनावी शब्द जहां बड़े-बड़े नेताओं को चुभते रहें, वही समर्थकों और विरोधी एक दूसरे पर इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल कर तंज कसते व स्वयं को ज्यादा ताकतवर बताते हुए दम भरते रहे। चुनावी शब्दों को सुनकर वोटर भी खूब अंदर ही अंदर गुदगुदी महसूस करते रहे। अब जब चुनाव जारी है तब भी इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल कर बड़े-बड़े नेता माहौल बनाने की हर कोशिश कर रहे हैं। हम इन्हीं शब्दों के बारे में अब चर्चा करेंगे- सूबे की राजनीति में सर्वाधिक चर्चा वाला शब्द टोटी और चिलम रहा। सत्ताधारी भाजपा के लोग जहां मुख्य विपक्षी दल के प्रमुख नेता को टोटी चोर कह कर गरीबों को रोटी देने और अपनी कल्याणकारी योजनाएं बताते रहे। वहीं मुख्य विपक्षी दल के लोग समाजवादी लोगों द्वारा किए गए विकास कार्यों और सत्ताधारी पार्टी के जन विरोधी नीतियों को बता कर गांजा और चिलम जमकर खिंचाई करते नजर आए। मठ, मंदिर, मस्जिद, तिलक, टोपी, शमशान, कब्रिस्तान, भगवा, योगी, ढोंगी, गुंडा, अपराधियों की ठोको नीति, एंटी रोमियो भी चुनावी भाषणों के ...

चुनावी भागदौड़ के बाद प्रत्याशियों ने परिवार संग गुजारा दिन

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राहुल त्रिपाठी राजनैतिक दलों द्वारा टिकट फाइनल हो जाने के बाद से प्रत्याशी बीते कई सप्ताह से दिनरात जनसंपर्क, संगठन की बैठक, डोर-टू-डोर कैंपे‌निंग, जनसभा आदि में व्यवस्तता के कारण अपने परिवार से भी दूर हो गए। रविवार को मतदान के बाद सभी प्रत्याशी सोमवार को पूरे दिन अपने सगे-संबंधियों बच्चों के साथ रहे और हलका भोजन करके चुनावे की चर्चा करते रहे। ''लबें खिचे चुनावी जनसंपर्क में राहुल बच्चा के पैरों में दर्द बढ़ा'' मतदान के बाद मानस‌िक दबाब और उलझन से दूर भाजपा प्रत्याशी राहुल बच्चा सोमवार को निर्धारित समय पर सुबह जागे। राहुल ने बताया कि बीते कई दिनों की तरह ही मां देशरानी सोनकर ने सुबह-सुबह उन्हें गुना-गुना पानी दिया, जबकि पत्नी मानसी ने चाय के साथ उबले आलू की सब्जी में नमक-घी डालकर खिलाया। गांव-गांव पैदल संपर्क के कारण पैरों में बहुत सूजन व दर्द है, इसलिए मैं अभी डाक्टर के पास जा रहा हूं। भाई ललित को भी सर्दी जुकाम हुआ है जबकि मेरी सास लता, बहन यशस्वी, चाची सुनीता और बहन अन्नू ने भी जनसंपर्क बहुत किया, यह सब आज पूरा दिन टीवी देखते रहे और दिन गुजारा। ...

पूर्व सांसद अंजू बाला को भाजपा ने निकाला

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  राहुल त्रिपाठी  मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद रही और वर्तमान में अनुसूचित जाति जनजाति आयोग की सदस्य अंजू बाला को पार्टी विरोधी नीतियों में शामिल होने पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में निष्कासित कर दिया है। पुष्ट सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार उनके पति सतीश वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी से टिकट न मिलने पर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया और चुनाव मैदान में उतर गए। पार्टी सूत्रों की माने तो वह पार्टी विरोधी नीतियों में लगातार सक्रिय होने के कारण भाजपा को लगातार अखर कर रहीं थीं। जिसका संज्ञान लेकर चुनाव के बीच मझधार में ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया है। मालूम रहे कि मल्लावा सीट से पूर्व सांसद अंजू बाला के प्रति सतीश वर्मा बहुजन समाज पार्टी से प्रत्याशी हैं और भाजपा के प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। अंजू बाला का बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र से पुराना नाता रहा है उन्हें बिल्हौर से रिकॉर्ड मत प्राप्त हुए थे। करीब 1,30,000 से अधिक मत पाकर वह लोकसभा पहुंची थी, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी टिकट काटकर बहुजन...

बिल्हौर की जनता करें पुकार, गांव-गांव बसें चला दो सरकार

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राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। चुनाव आते हैं दावे किए जाते हैं, लेकिन कुर्सी मिलने के बाद चुनावी वायदे भुला दिए जाते हैं। नतीजतन बिल्हौर विधानसभा के दूर-सुदूर गांवों में आज तक परिवहन की सुविधा ही नहीं पहुंच सकी है। देश के नक्शे में जहां कानपुर मेट्रो सिटी में शुमार हो चुका है वहीं बिल्हौर तहसील के जनपदीय सीमाओं पर बसे गांवों में आज भी लोग पगडंडियों से आवागमन करने को मजबूर हैं।  ''बिल्हौर के लाखों ग्रामीणों को आवागमन के लिए सरकार से बस संचालन की दरकार'' विधानसभा के सैकड़ों गांवों के हज़ारों लोगों को दिन में आवागमन के लिए एक रोडवेज बस की दरकार दशकों से बनी हुई है। बिल्हौर से जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का जुड़ाव हैं जबकि शिवराजपुर, चौबेपुर में जीटी रोड तो ककवन में लखनऊ-इटावा राजमार्ग, लेकिन रोडवेज बसों की सुविधा न होने से लोग दशकों से परेशानी उठा रहे हैं। ''सैकड़ों गांवों के हजारों ग्रामीण पैदल बिल्हौर, शिवराजपुर, चौबेपुर में पकड़ते बसें'' विषधन निवासी रिंकू, शिवकुमार बताते हैं उनके गांव के लिए आज भी रोडवेज बस सिर्फ बिल्हौर में ही देखने को मिलती है। अगर ग्रामीणों क...

काला बच्चा

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गौतम, कोरी, पाल, दिवाकर,कुशवाह जातियों पर प्रत्याशियों की नजर

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राहुल त्रिपाठी तीसरे चरण में बिल्हौर विधानसभा में मतदान होना है। चुनाव की नीति, रणनीति और संगठन के कार्य अब मतदाताओं के सामने आ चुके हैं। धुंधली ही सही, लेकिन आने वाले समय में कौन विधायक की कुर्सी पाएगा इसको लेकर काफी हद तक तस्वीर भी साफ होने लगी है, पर जब तक एक एक मत ईवीएम यानि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में कैद नहीं हो जाता तब तक प्रत्याशी अधिक से अधिक वोट पाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। वर्तमान में बिल्हौर विधानसभा में 3,96,823 से अधिक मतदाता है भाजपा, सपा और बसपा सहित कांग्रेस और आप पार्टी भी इस बार प्रबल ढंग से चुनावी मैदान में है। इन जातियों को लेकर नई नई नीति बनाकर उक्त पार्टियों के प्रत्याशी काम कर रहे हैं। सर्वाधिक जोर गौतम यानि एससी और कोरी और पाल बिरादरी पर है इन तीनों बिरादरी ओं की पर्याप्त संख्या निर्वाचन क्षेत्र में है। कई दलों के विशेषज्ञों और पदाधिकाररिओ की माने बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में अभी तक 3,96,823 वोटर पंजीकृत हैं। इनमें ओबीसी 1,51,992 वोटर, एससी-एसटी वोटर 1,38,426 , इसी तरह सामान्य वोटर 80,448 हैं, जबकि मुस्लिम वोटर 25,957 हैं। एससी और ओबीसी वोटर का समर्थन ...

आप पार्टी के संजय सिंह ने बिल्हौर से फूंका चुनावी बिगुल

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राहुल त्रिपाठी आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बिल्हौर सुरक्षित 209 विधानसभा में पहुंच कर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। संजय सिंह ने बिल्हौर विधानसभा से अपने प्रत्याशी सतेंद्र सोनकर के पक्ष में अरोल में एक जनसभा में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बेरोजगारों को 5000 रुपए बेरोजगारी भत्ता, घरेलू महिलाओं को ₹1000 प्रोत्साहन राशि, सहित बकाया बिजली बिल माफ करने, 300 यूनिट तक बिजली का बिल माफ करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही 10 लाख युवाओं को रोजगार देने, सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने के साथ ही महिला सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने की पहल भी उन्होंने की है। इसके साथ ही किसानों को मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था का ऐलान भी उन्होंने किया। समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर भी उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए और जनविरोधी करार दिया। इस दौरान अनिल यादव, आजाद शत्रु शुक्ला, राजू कटियार, दिनेश कटियार सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे।

बिल्हौर में जीत को क्षेत्रीय क्षत्रपों ने भी झोंकी ताकत

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राहुल त्रिपाठी  वर्ष 1957 से सुर‌क्षित 209 बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में एकबार फिर से चुनावों की सरगर्मी तेज हैं, सुरक्ष‌ित सीट होने के बावजूद क्षेत्रीय लोगों के आपसी मनभेद के चलते आज तक बिल्हौर तहसील क्षेत्र का मूल निवासी इलाकाई लोगों का विधायक भी नहीं बन सका है, सभी राजनैतिक दलों ने इस निर्वाचन क्षेत्र में कानपुर, उन्नाव से पैराशूट प्रत्याशी उतारे और जीत हासिल की, लेकिन इसबार जातीय समावेश और इलाकाई समस्याओं को वरीयता के साथ उठाने के लिए कई दलों से स्थानीय प्रत्याशी चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों के सापेक्ष बार करीब 25 हजार वोटरों का इजाफा मतदाता सूची में हुआ है। ''17 वीं विधानसभा तक बिल्हौर का निवासी नहीं बन सका विधायक'' 2022 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों और उनके प्रचार सामग्रियों जैसे होल्डिंग, बैनर-पोस्टर, वाल-पेटिंग और सोशल मीडिया पर बाढ़ से आई है। वहीं निर्वाचन अधिकारी ‌दिन-रात मतदाता सूची में नामों का पुनरीक्षण-विलोपन में लगे हैं।  सर्वे में लगे कई दलों के विशेषज्ञों और अ...

सपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र कटियार ने भाजपा ज्वाइन की, साइकिल की सवारी छोड़ी

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राहुल त्रिपाठी बिल्हौर के बकोठी गांव निवासी देवेंद्र कटियार उर्फ गुड्डनी ने साइकिल की सवारी छोड़ दी है। देवेंद्र कटियार कानपुर नगर के सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं। इनकी भाभी पुष्पा कटियार भी कानपुर नगर की जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। पूर्व में देवेंद्र कटियार समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवार होकर राधन जिला पंचायत सीट से चुनाव जीतकर जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे। इसके बाद इसी सीट से उनकी भाभी पुष्पा कटियार भी जीत हासिल कर जनपद की महिला जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थी। क्योंकि विधानसभा चुनाव की सरगर्मी है इसलिए जिला पंचायत अध्यक्ष और कई कोल्ड स्टोरेज के मालिक देवेंद्र कटिहार ने साइकिल की सवारी छोड़कर अब भगवा धारण कर लिया है। मंगलवार को उन्होंने कानपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष कृष्ण मुरारी शुक्ला और अन्य भाजपाइयों संग पार्टी की सदस्यता ली। मालूम रहे कि वह बीते कई दिनों से समाजवादी पार्टी में घुटन महसूस कर रहे थे और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के बुलावे पर भी उनके साथ जनसंपर्क के लिए नहीं निकल रहे थे। तब से भाजपा का एक बड़ा गुट उनके संपर्क में था। मंगलवार देवेंद्र कटियार के भाजपा में शामिल होन...

भगवा उतार साइकिल पर बैठे बिल्हौर चेयरमैन शादाब खान

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राहुल त्रिपाठी बिल्हौर विधानसभा के मतदान की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है। वैसे वैसे दल बदलने और जीत हार के आंकड़े बदलते जा रहे हैं। निर्दलीय बिल्हौर से नगर पालिका का चुनाव जीतने वाले युवा शादाब खान चेयरमैन की कुर्सी मिलने के बाद भगवा धारण करने के लिए तत्कालीन कानपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष रामशरण कटियार के साथ लखनऊ गए थे, भाजपाई बन गए थे।लेकिन तब से लेकर आज तक वह पार्टी, संगठन में उपेक्षा का शिकार ही रहे। शादाब खान कभी पार्टी के न हो सके और पार्टी भी उनकी नहीं हो सकी। पदाधिकारी भी उनसे सौतेला व्यवहार करते ही नजर आए। नतीजतन सीएए में उनको जेल भी जाना पड़ा। पूरे मामले में कई पार्टीजनों के षड्यंत्र की बात सामने आने पर वह आहत थे। और पार्टी के लोगों द्वारा उन्हें न अपनाए जाने से आहत शादाब खान ने अब विधानसभा चुनाव से पहले भगवा को उतार कर, संदूक में पैक कर नई हवा और नई सपा की साइकिल सवार होना ज्यादा मुनासिब समझा और इस चुनावी माहौल में साइकिल पर वह अब नए साथियों संग रफ्तार भरने लगे हैं। शादाब खान का दावा है कि आज भी उनके साथ नगरपालिका बिल्हौर के 25 वार्डों में से 20 वार्ड के लोगों का अपार समर्थन ह...

आपस में भिड़ गए सत्ताधारी पार्टी प्रत्याशी के समर्थक

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राहुल त्रिपाठी बिल्हौर विधानसभा का चुनाव जैसे-जैसे परवान चढ़ रहा है। वैसे-वैसे नए-नए रूप सामने आ रहे हैं। एक सत्ताधारी पार्टी के प्रत्याशी को अपने गांव-मोहल्ले में जनसंपर्क के लिए घुमाने के लिए पार्टी के ही कई पदाधिकारी आपस में भिड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इस दौरान जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान पार्टी के झंडे लेकर एक दूसरे पर हमला भी करने की बात भी सामने आ रही है। बीच बचाव के लिए कई लोग मौके पर स्वयं को बचाते हुए मौके से इधर-उधर हो गए। सोशल मीडिया पर पूरी घटना जमकर वायरल हो रही है। जानकारी के अनुसार एक सत्ताधारी पार्टी के प्रत्याशी सोमवार को जनसंपर्क के लिए ककवन के विषधन कस्बे गए थे। जहां वर्चस्व क्षेत्रीय लोगों में रुतबा टाइट करने को लेकर पार्टी के ही दो पदाधिकारी आपस में समर्थकों संग वाद-विवाद करने लगे। देखते ही देखते मामला मारपीट और धक्का-मुक्की में बदल गया। मौके पर मौजूद संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जैसे-तैसे समझाकर मामला शांत किया। लेकिन इस दौरान कुछ लोगों ने पूरे मामले का मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। पूरी घटना पूरे दिन बिल्हौर विधानसभा में चर्चा का विषय...

सपाई रहे शिवकुमार बेरिया ने सपा को बताया गुंडों की पार्टी

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राहुल त्रिपाठी साइकिल से उतरकर भगवा भाजपा ज्वाइन करने वाले बिल्हौर से समाजवादी पार्टी से कई बार विधायक रहे शिवकमार बेरिया 6 फरवरी को पहली बार निर्वाचन क्षेत्र पहुंचे। जहां उनका पार्टीजनों ने फूल मालाओं से स्वागत किया। बिल्हौर विधानसभा के रामलीला मैदान स्थित चुनाव कार्यालय पहुंचे शिव कुमार बेरिया ने समाजवादी पार्टी को गुंडों, माफियाओं, खनन माफियाओं और परिवार वादी पार्टी करार देते हुए पुराने आरएसएस और भाजपा के पदाधिकारियों का नाम लेकर स्वयं को पार्टी से जोड़ते हुए कहा कि आपके साथ काम करके ही मैं आपके साथ अपने को जोड़ लूंगा। देश में प्रदेश में भाजपा की लहर का बखान करते हुए समाजवादी पार्टी को नीचा दिखाने की अपील की। उन्होंने नई हवा नई सपा पर तंज कसते हुए कहा कि अब नई सपा में पुराने समाजवादियों का कोई पूछने वाला नहीं बचा है, पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने गुंडे माफियाओं और अपराधियों को विधानसभा के टिकट बांटे हैं। जब नई सपा में पुराने समाजवादियों का असर नहीं रहा है तो आम जनता के लिए वह क्या सोचेंगे। बेरिया का पूरा वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें --------------------------...