उखाड़ कर फेंकी गई विधायक पद के दावेदारों की होल्डिंग
राहुल त्रिपाठी
बिल्हौर विधानसभा में कई राजनीतिक दलों के दर्जनों प्रत्याशियों द्वारा लाखों रुपए खर्च कर शिवराजपुर, चौबेपुर, ककवन और बिल्हौर सहित सभी प्रमुख कस्बों, बड़े गांव, सार्वजनिक स्थानों बाजारों मार्केट आदि स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग और बैनर पोस्टर लगाए गए थे। शनिवार 8 जनवरी को निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद पूरे सूबे में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। जिसके बाद शासन और प्रशासन के अधिकारियों का आदेश मिलते ही कर्मियों ने इन प्रचार सामग्रियों को उखाड़ने का कार्य आरंभ कर दिया। शनिवार को करीब 2 घंटे तक ही प्रचार सामग्री हटाई जा सकी। रविवार को पूरे दिन आदर्श आचार संहिता का भली प्रकार पालन कराने के लिए कर्मी जगह-जगह बैनर पोस्टर फोल्डिंग और वॉल पेंटिंग को नष्ट करेंगे।
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अब प्रत्याशी अपनी गाड़ियों पर नहीं चस्पा कर पाएंगे
प्रचार सामग्री आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अब सभी दलों के दावेदार प्रत्याशी अपनी गाड़ियों पर झंडा, बैनर, पोस्टर और पार्टी के संकेतांक धारण नहीं कर पाएंगे। गाड़ियों पर यदि पार्टी संकेतांक पाए जाते हैं तो निर्वाचन में लगे अधिकारी आदर्श आचार संहिता के नियमों के तहत उक्त वाहन पर कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही कोई भी व्यक्ति निर्धारित तादात से अधिक रोकड़, शराब, उपहार और व्यक्तियों को नहीं ले जा पाएगा। आपात स्थिति में यदि कोई व्यक्ति उक्त चीजें ले जा रहा है तो उक्त व्यक्ति के पास इसके पुख्ता सबूत होने चाहिए।
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वॉल पेंटिंग को मिटाना कर्मियों के लिए टेढ़ी खीर
विधानसभा के दौर में बीते करीब 1 वर्ष में हजारों की संख्या में विधान सभा से चुनाव लड़ने के दावेदारों द्वारा हजारों की संख्या में दीवारों पर वॉल पेंटिंग कराई गई है। गांव गांव, शहर शहर और सरकारी भवनों पर इन बाल प्रिंटिंग को देखा जा सकता है। अब जब आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, ऐसे में निर्वाचन में लगे अधिकारियों को कई कुंतल कलई और गैरू की जरूरत इन वॉल पेंटिंग को छिपाने के लिए करनी होगी
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