बिल्हौर विधानसभा टिकट को लेकर पुरुषों पर भारी महिला दावेदार प्रत्याशी
राहुल त्रिपाठी
विधानसभा बिल्हौर में प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और समाजवादी पार्टी में टिकट लेने के लिए पुरुषों के सापेक्ष कई कद्दावर महिलाओं ने चुनावी मैदान में कूद अपना बिगुल फूंक दिया है। इनमें से प्रमुख समाजवादी पार्टी से बिल्हौर विधायक और मंत्री रही अरुणा कोरी, वर्ष 1993 में कांग्रेस की टिकट से बिल्हौर में चुनाव लड़ने वाली सरोज प्रसाद इस बार अपने पति पूर्व डीजीपी और भाजपा से राज्यसभा सांसद ब्रजलाल के साथ चुनाव लड़ने के लिए खुलकर सामने आ गई हैं। जबकि मिश्रिख से पूर्व सांसद अंजू बाला का नाम चर्चाओं में है।
महिला दावेदारों के मैदान में आने से पुरुष प्रत्याशियों की नींद उड़ी हुई है और वह अंदर ही अंदर अपने समर्थकों से महिला प्रत्याशियों को पैराशूट प्रत्याशी बताकर बीते 5 वर्षों तक जनता से दूर रहने का आरोप लगाते हुए संगठन में कानाफूसी कर रहे हैं।
विधायक बनने के लिए चुनाव मैदान में आईं उक्त महिला प्रत्याशियों के कारण कई युवा प्रत्याशियों के चेहरे भी मुरझा गए हैं। इनमें भाजपा, समाजवादी पार्टी के कई युवा चेहरे मायूसी के शिकार हुए हैं।
--------------------------------------------------
पूर्व डीजीपी और राज्यसभा सांसद है सरोज प्रसाद के पति
और वर्तमान में राज्यसभा से सांसद व्रजलाल के साथ बिल्हौर आई, तो कई पिछलगू नेता उनके इर्द-गिर्द नाचते हुए नज़र आए। पूर्व डीजीपी की हनक और राज्यसभा सांसद की सुरक्षा व्यवस्था देख कर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। सरोज प्रसाद ने बिल्हौर से चुनाव लड़ने की बात पर पार्टी से टिकट मिलने पर ही पत्ते खोलने की बात कही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरोज प्रसाद को अभी तक विधानसभा के बूथ अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों मतदाताओं और इतिहास भूगोल और बुनियादी समस्याओं के बारे में जानकारी के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। आशंका है कि उन्हें संगठन के पदाधिकारी भी डबल डोज़ के साथ ही पचाने के लिए तैयार हो पाएंगे।
---------------------
देवेश कोरी भाजपा के आउटडेटेड पदाधिकारियों से गुपचुप मिले
बिल्हौर विधानसभा में गुपचुप तरीके से कई भाजपा संगठन से जुड़े लोग मठाधीशो से मिलकर अपनी टिकट की दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो देवेश कोरी बिल्हौर विधानसभा के कोरी समाज के वोट को लेकर अपनी टिकट का दावा ठोक रहे हैं और आउटडेटेड हो चुके पदाधिकारियों समर्थकों से मुलाकात कर चुनावी मैदान में कूदने की अपनी इच्छा भी जाहिर कर रहे हैं। बताया गया है कि देवेश कोरी टिकट वितरण में लगे एक पदाधिकारियों के काफी करीबी हैं, लेकिन पैराशूट से आए देवेश को लेकर भी पार्टी के तरह-तरह के कयास अभी से आरंभ हो गए हैं पार्टी के पदाधिकारी ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय में भी माथा टेक कर गए हैं।
-------------------
अब तक यह लोग करते आ रहे हैं दावेदारी
डॉक्टर नरेंद्र प्रताप
राहुल बच्चा सोनकर
मनोज दिवाकर
एमपी सलोनिया
सियाराम कठेरिया
राजा दिवाकर
देवेश कोरी
अंजू बाला (चर्चा में है नाम लेकिन सामने नहीं आई)
सरोज प्रसाद
नोट- यह लेखक के निजी विचार हैं इसका उद्देश्य मात्र सूचनाओं का आदान-प्रदान और चुनाव के प्रति जानकारी देना है। इसका किसी भी दल, प्रत्याशी, क्षेत्र से कोई लेना देना नहीं है। आपके सुझाव को इसमें सदैव पिरोया जा सकता है। इसलिए आपके सुझाव प्रार्थनीय हैं।
टिप्पणियाँ
भाजपा के कार्यकर्ता दबी जवान कहते नजर आए पिछले चुनाव में भगवती प्रसाद सागर जी दिल्ली से टिकट ले आए थे तब माहौल दूसरा था अब अगर यह दिल्ली से टिकट लेकर आते हैं तो जीतना कठिन हो जाएगा क्योंकि जनता क्षेत्रीय के लिए मन बना चुकी है चाहे किसी पार्टी का व्यक्ति हो।
बनेगी कांग्रेस नेत्री ऊषा रानी कोरी
लड़की हूँ लड़ सकती हूँ।