अरुणा कोरी का चुनाव मैदान: न पार्टी न निशान

राहुल त्रिपाठी 
बिल्हौर विधानसभा से 2012 से 17 तक विधायक रही और अखिलेश यादव की सरकार में 5 वर्षों तक सांस्कृतिक राज्यमंत्री रहने वाली अरुणा कोरी एक बार फिर से मतदाताओं के बीच विधानसभा चुनाव की आहट के बाद आ गई हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र से अपना भाग्य आजमाया था। उस समय अखिलेश यादव और शिवपाल यादव में बटी समाजवादी पार्टी में वह शिवपाल के साथ खड़ी दिख रही थी। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी से अलग हुए शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया था। जिसके बाद अरुणा कोरी भी प्रसपा में शामिल हो गई थी और लोकसभा चुनाव में वह मिश्रिख लोकसभा से पूरे दमखम से चुनाव भी लड़ी थी लेकिन उन्हें सीमित वोट ही प्राप्त हो सके थे। अब जब विधानसभा चुनाव सर पर हैं तब एक बार फिर से अरुणा कोरी अपने समर्थकों संग बिल्हौर, शिवराजपुर, चौबेपुर और अन्य इलाकों में प्रचार प्रसार कर रही हैं, लेकिन अरुणा कोरी किस दल से चुनाव मैदान में आएंगी इसको लेकर समर्थकों और मतदाताओं में असमंजस की स्थिति है। उनकी चुनाव प्रचार सामग्री में भी अभी तक किसी भी दल का राजनैतक रंग और निशान स्पष्ट नहीं है।
अरुणा कोरी ने बिल्हौर विधायक और प्रदेश में मंत्री रहते हुए बिल्हौर महोत्सव कराने की नई परंपरा आरंभ की थी। इसके साथ ही कई विद्युत उपकेंद्र, कई प्रमुख सड़कें, पुल बनाने का कार्य भी अरुणा कोरी द्वारा किया गया है। इसके साथ ही विस्हधन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निर्माण अरुणा कोरी नहीं कराया था। कई विकास योजनाओं के लिए उन्होंने पैरवी भी जोर शोर से की थी। अरुणा कोरी के मंत्री रहते हुए विधानसभा में भी बिल्हौर क नाम लगातार चर्चा में रहता था। यही कारण है कि बिल्हौर में अरुणा कोरी के बड़ी संख्या में समर्थक और टीम लगातार उनके चुनाव प्रचार में व्यस्त है।
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टिकट मिलने का यह है जुगाड़ 
पार्टी के अंदर अरुणा कोरी की गहरी पकड़ की सूचनाएं आम है। सैफई परिवार से अरुणा कोरी का परिवार पुराने समय से जुड़ा हुआ है। सूत्रों की मानें तो वह शिवपाल की करीबी मंत्रियों में एक रही हैं जबकि अखिलेश से भी उनके अच्छे संबंध हैं। यदि बिल्हौर विधानसभा में शिवपाल की झोली में जाती है और अपना प्रत्याशी उतारते हैं तो अरुणा कोरी को टिकट मिलने की पूरी संभावना है, जिस पर अखिलेश यादव भी मोहर लगा सकते हैं, अरुणा कोरी ने ही वर्ष 2012 में बहुजन समाज पार्टी के कमलेश दिवाकर को मात देकर बिल्हौर में समाजवादी पताका फहराया था।


नोट- यह लेखक के निजी विचार हैं इसका उद्देश्य मात्र सूचनाओं का आदान-प्रदान और चुनाव के प्रति जानकारी देना है। इसका किसी भी दल, प्रत्याशी, क्षेत्र से कोई लेना देना नहीं है। आपके सुझाव को इसमें सदैव पिरोया जा सकता है। इसलिए आपके सुझाव प्रार्थनीय हैं। आप अपने सुझाव 9305029350 और कमेंट करके दे सकते है।

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